Mehrbaan Aa Geya ||-2019

Mehrbaan Aa Geya || This is songs lyrics



                                                             




दिल की मांगें थोड़ी थी कम

हर दुआ भी थोड़ी मद्धम
तूने कांधे पे सर झुकाया जब

जैसे, दरगाह पे बांधे धागे तब
बिना मांगे ही मिल गया है सब
मेहरबाँ हुआ, हुआ

मेहरबाँ हुआ, हुआ
मेहरबाँ हुआ
मेहरबाँ हुआ रब
मेहरबाँ हुआ
मेहरबाँ हुआ रब
दुआ रंग रंगेया यूँ मलंग लाल, लाल

रंग रूह की पतंग बांधी तेरे संग
तब ही तो लगा, मेहरबाँ हुआ रब
ओ, दिन ये सहरे सा सजा
मेहरबाँ हुआ रब
हाथों को तेरे, अपने हाथों में ले लेती हूँ

के तकदीरें अपनी सारी पढ़ लूँ
आँखों में तेरे छुपते अरमाँ मैं ढूंढता हूँ

बस तू सोचे, और पूरे मैं कर दूँ
अभी-अभी तो हम अधूरे थे

पूरे हो गए तेरे रू-ब-रू
ये भी दिखे ना

कहाँ मैं खतम, कहाँ तू शुरू
आँखें तेरी (आँखें तेरी)

गिरती है जब (गिरती है जब)
अब तो नींदें आती है तब
हमको लगता है कुछ दिनों से अब

तू इबादत है, तू ही है मज़हब
बेवजह, कैसे? क्यूँ? कहाँ? और कब?
मेहरबाँ हुआ, हुआ

मेहरबाँ हुआ, हुआ





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